Sanskrit Proverbs on Wisdom

Subhashitas are short, well-known sayings which state a general truth or piece of advice.

They have a deep meaning for all of us to learn and implement in our lives.

The proverbs listed here are taken from ancient Indian texts which have been written by many learned Rishis and Gurus.

The listed Proverbs on Friendship also have transliteration, English and Hindi meaning for easy learning and understanding.

Proverb | सुभाषितम् - 1

काकः कृष्णः पिकः कृष्णः को भेद पिककाकयोः।
वसन्त समये प्राप्ते काकः काकः पिकः पिकः॥

Transliteration
kākaḥ kṛṣṇaḥ pikaḥ kṛṣṇaḥ ko bheda pikakākayoḥ। vasanta samaye prāpte kākaḥ kākaḥ pikaḥ pikaḥ॥

Meaning in English
Crow is black, so is the Cuckoo. What is the difference between the two?
When spring arrives, cuckoo sings beautifully but the crow does not have this ability. (A persons true character is known by their ability to face difficult situations and not by their outer appearance).

भावार्थ
कौआ काले रंग का होता है और कोयल भी काले रंग की होती है फिर दोनों में क्या अंतर है?
वसंत ऋतु का आगमन होते ही पता चलता है कि कौआ कौआ होता है और कोयल कोयल होती है। (कोयल मधुर गाती है और कौआ नही गा सकता)

Proverb | सुभाषितम् - 2

हंसः श्वेतो बकः श्वेतो को भेद बकहंसयोः।
नीरक्षीरविवेकेतु हंसः हंसो बको बकः॥

Transliteration
haṃsaḥ śveto bakaḥ śveto ko bheda bakahaṃsayoḥ।
nīrakṣīraviveketu haṃsaḥ haṃso bako bakaḥ॥

Meaning in English
Swan is white, so is the Crane. Then what is the difference between them?
When it comes to extracting milk from a mixture (of milk & water), swan is able to do it but crane does not have this ability.

भावार्थ
हंस और बगुला दोनों का रंग सफेद होता है, तो दोनों में अंतर क्या है? 
जब पानी और दूध के मिश्रण को अलग करना हो, हंस हंस होता है और बगुला बगुला होता है । ( हंस दूध अलग करता है और बगुला नहीं कर सकता, तब दोनों में अंतर है यह पता चलता है।)

Proverb | सुभाषितम् - 3

दृष्तिपूतं न्यसेत्पादं वस्त्रपूतं जलं पिबेत्।
सत्यपूतां वदेत् वाचं मनःपूतं समाचरेत्॥

Transliteration
dṛṣtipūtaṃ nyasetpādaṃ vastrapūtaṃ jalaṃ pibet।
satyapūtāṃ vadet vācaṃ manaḥpūtaṃ samācaret॥

Meaning in English
While stepping, make sure that the path is clear, drink water which is filtered. One should always speak the truth. Act as per your intellect and not of others.

भावार्थ
अपने आँखों को जो पवित्र (स्वच्छ) दिखता है, वहीं पैर रखने चाहिए। कपडे से छानके लिया हुआ पानी पीना चाहिए। सत्य का मापदंड लगाके बात करनी चाहिए। अपने मन को जो पवित्र लगता है वैसा ही आचरण करना चाहिए (औरों की ओर देखके उनके जैसा आचरण नहीं करना चाहिए)

Proverb | सुभाषितम् - 4

शतेषु जायते शूरः सहस्त्रेषु च पण्डितः।
वक्ता दशसहस्त्रेषु दाता भवति वा न वा॥

Transliteration
śateṣu jāyate śūraḥ sahastreṣu ca paṇḍitaḥ।
vaktā daśasahastreṣu dātā bhavati vā na vā॥

Meaning in English
Every hundred people there is one brave, every thousand a scholar, every ten thousand an orator. However, a generous person may or may not be found.

भावार्थ
सौ लोगों में एक शूर-वीर, हजारों में एक विद्वान, दस हजारों में एक वक्ता होता है, परंतु दानवीर मुश्किल से ही मिलता है।

Proverb | सुभाषितम् - 5

काव्य शास्त्र विनोदेन कालो गच्छति धीमताम्।
व्यसनेन च मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा॥

Transliteration
kāvya śāstra vinodena kālo gacchati dhīmatām।
vyasanena ca mūrkhāṇāṃ nidrayā kalahena vā॥

Meaning in English
An intelligent person spends his or her time in reading/learning literature and philosophy while a foolish person spends his or her time in sleep, addiction or quarreling.

भावार्थ
बुद्धिमान लोग अपना समय काव्यशास्त्र (पठन-पाठन) में व्यतीत करते हैं और मूर्ख लोगों का समय व्यसन, निद्रा अथवा कलह में बीतता है।

Proverb | सुभाषितम् - 6

तैलाद्रक्षेत् जलाद्रक्षेत् रक्षेत्शिथिलबन्धनात्।
मूर्खहस्ते न दातव्यमेवं वदति पुस्तकम्॥

Transliteration
tailādrakṣet jalādrakṣet rakṣetśithilabandhanāt।
mūrkhahaste na dātavyamevaṃ vadati pustakam॥

Meaning in English
Protect me from being spoiled by oil & water, protect me from loose binding and do not give to a foolish person. This is what a book says.

भावार्थ
पुस्तक कहता है कि तेल से (उसकी) रक्षा करें, जल से रक्षा करें, शिथिल बंधन से रक्षा करें और किसी मूर्ख व्यक्ति के हाथ में (उसे) न दें।

Proverb | सुभाषितम् - 7

मनसा चिन्तितं कार्यं वाचा नैव प्रकाशयेत्।
मन्त्रेण रक्षयेद् गूढं कार्यं चापि नियोजयेत्॥

Transliteration
manasā cintitaṃ kāryaṃ vācā naiva prakāśayet।
mantreṇa rakṣayed gūḍhaṃ kāryaṃ cāpi niyojayet॥

Meaning in English
Whatever work is planned in one’s mind should never be revealed. Keeping it a secret one should try to implement it.

भावार्थ
मन में जो कार्य करने का निश्चित किया है, वह किसी के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए। मन से ही उसकी रक्षा करते हुए उस कार्य को पूर्ण करना चाहिए।

Proverb | सुभाषितम् - 8

चन्दनं शीतलं लोके चन्दनादपि चन्द्रमाः।
चन्द्रचन्दनयोर्मध्ये शीतला साधुसङ्गतिः॥

Transliteration
candanaṃ śītalaṃ loke candanādapi candramāḥ।
candracandanayormadhye śītalā sādhusaṅgatiḥ॥

Meaning in English
In the world, sandalwood is known for it’s coolness. But the Moon is considered cooler than sandalwood. The company of pious people is cooler than both sandalwood and the Moon.

भावार्थ
संसार में चंदन शीतल माना जाता है। परंतु चंद्र चंदन से शीतल होता है। संतों की संगत (पवित्र विचारधारा वाले लोगों की संगत), चंदन और चंद्र दोनों से अधिक शीतल होती है।

Proverb | सुभाषितम् - 9

न कश्चिदपि जानाति किं कस्य श्वो भविष्यति।
अतः श्वः करणीयानि कुर्यादद्यैव बुद्धिमान्॥

Transliteration
na kaścidapi jānāti kiṃ kasya śvo bhaviṣyati।
ataḥ śvaḥ karaṇīyāni kuryādadyaiva buddhimān॥

Meaning in English
Nobody can foresee what will happen tomorrow. Therefore, wise people always do their work today, rather than tomorrow.

भावार्थ
आनेवाले कल में क्या होने वाला है, यह कोई भी नहीं जानता। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति जो कार्य कल करना है, उसे आज ही करते हैं।

Proverb | सुभाषितम् - 10

चिन्तनीया हि विपदामादावेव प्रतिक्रिया।
न युक्तं कूपखननं सन्दीप्ते वह्निना गृहे॥

Transliteration
cintanīyā hi vipadāmādāveva pratikriyā।
na yuktaṃ kūpakhananaṃ sandīpte vahninā gṛhe॥

Meaning in English
Just like digging a well for water after the entire house has caught fire is wrong, worrying about and planning a solution for a particular problem after it has happened is wrong. The solution for a problem must always be thought out well in advance.

भावार्थ
जैसे घर में आग लगने के बाद कुआँ खोदना शुरु करना सही नहीं है, वैसे ही संकट आने के बाद चिंतित होना और सोचना शुरु करना सही नहीं है। संकट आने से पहले ही उससे मार्ग निकालना सोचना चाहिए।