General Proverbs in Sanskrit

Learn General Proverbs in Sanskrit which are listed with transliteration, English and Hindi meaning for easy understanding.

Subhashitas are short, well-known sayings which state a general truth or piece of advice.

They have a deep meaning for all of us to learn and implement in our lives.

Proverb | सुभाषितम् - 1

प्रथमे नार्जिता विद्या द्वितीये नार्जितं धनम्।
तृतीये नार्जितं पुण्यं चतुर्थे किं करिष्यति॥

Transliteration
prathame nārjitā vidyā dvitīye nārjitaṃ dhanam।
tṛtīye nārjitaṃ puṇyaṃ caturthe kiṃ kariṣyati॥

Meaning in English
The one who has not earned Vidya (knowledge) in the first Ashrama (Brahmacharya), not earned Dhana (wealth) in the second Ashrama (Grihastha), not earned Punya (good deeds) in the third Ashrama (Vanaprastha), what will he do in the fourth Ashrama (Sanyasa) ?

भावार्थ
जिस व्यक्ति ने पहले आश्रम में (ब्रम्हचर्य) विद्या अर्जित नहीं की, दूसरे आश्रम में (गृहस्थ) धन अर्जित नहीं किया, तीसरे आश्रम में (वानप्रस्थ) पुण्य अर्जित नहीं किया, वह मनुष्य चौथे आश्रम में (संन्यास) क्या करेगा?

Proverb | सुभाषितम् - 2

अधमाः धनम् इच्छन्ति धनमानं च मध्यमाः।
उत्तमाः मानम् इच्छन्ति मानो हि महतां धनम्॥

Transliteration
adhamāḥ dhanam icchanti dhanamānaṃ ca madhyamāḥ।
uttamāḥ mānam icchanti māno hi mahatāṃ dhanam॥

Meaning in English
Lowly people desire only wealth. Average (moderate) people desire for both wealth & respect. Great people desire only respect. For great people, respect in the society is the real wealth.

भावार्थ
अधम लोग (निम्न श्रेणी के लोग) केवल धन की इच्छा करते हैं। मध्यम श्रेणी के लोग धन और मान की इच्छा करते हैं। उत्तम लोग (महान लोग) सिर्फ मान की इच्छा करते हैं। मान ही महापुरुषों का धन है।

Proverb | सुभाषितम् - 3

शतेषु जायते शूरः सहस्त्रेषु च पण्डितः।
वक्ता दशसहस्त्रेषु दाता भवति वा न वा॥

Transliteration
śateṣu jāyate śūraḥ sahastreṣu ca paṇḍitaḥ।
vaktā daśasahastreṣu dātā bhavati vā na vā॥

Meaning in English
Every hundred people there is one brave, every thousand a scholar, every ten thousand an orator. However, a generous person may or may not be found.

भावार्थ
सौ लोगों में एक शूर-वीर, हजारों में एक विद्वान, दस हजारों में एक वक्ता होता है, परंतु दानवीर मुश्किल से ही मिलता है।

Proverb | सुभाषितम् - 4

परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः।
परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थम् इदं शरीरम्॥

Transliteration
paropakārāya phalanti vṛkṣāḥ paropakārāya vahanti nadyaḥ।
paropakārāya duhanti gāvaḥ paropakārārtham idaṃ śarīram॥

Meaning in English
Trees bear fruits for others’ (to eat), Rivers flow for others’, Cows give milk for others’.
In the same way, this body is also meant to do good deeds for others.

भावार्थ
परोपकार के लिए वृक्ष फल देते हैं, परोपकार के लिए नदियाँ बहती हैं, परोपकार के लिए गाय दूध देती हैं, उसी तरह यह शरीर भी परोपकार के लिए ही है।

Proverb | सुभाषितम् - 5

गच्छन् पिपीलिको याति योजनानां शतान्यपि।
अगच्छन् वैनतेयोऽपि पदमेकं न गच्छति॥

Transliteration
gacchan pipīliko yāti yojanānāṃ śatānyapi।
agacchan vainateyo’pi padamekaṃ na gacchati॥

Meaning in English
An ant covers a long distance when it keeps moving. However, a still Garuda, cannot move one step forward.

भावार्थ
लगातार चल रहीं चींटी कोंसों दूर पहुँच जाती है। लेकिन रुका हुआ गरुड एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकता।

Proverb | सुभाषितम् - 6

वृथा वृष्टिः समुद्रेषु वृथा तृप्तेषु भोजनम्।
वृथा दानं धनाढ्येषु वृथा दीपो दिवापि च॥

Transliteration
vṛthā vṛṣṭiḥ samudreṣu vṛthā tṛpteṣu bhojanam।
vṛthā dānaṃ dhanāḍhyeṣu vṛthā dīpo divāpi ca॥

Meaning in English
Rains over the seas are of no use. Providing food, for the ones whose stomach is full is of no use. Giving donations to a rich person is of no use. Similarly, lighting a lamp during the day is of no use.

भावार्थ
समुद्र में बारिश का पानी पड़ना व्यर्थ है। जिसका पेट भरा हुआ है (तृप्त व्यक्ति), उसे खाना देना व्यर्थ है। धनवानों को दान देना व्यर्थ है। वैसे ही दिन में दिया जलाना व्यर्थ है।

Proverb | सुभाषितम् - 7

पुस्तके पठितः पाठः जीवने नैव साधितः।
किं भवेत् तेन पाठेन जीवने यो न सार्थकः॥

Transliteration
pustake paṭhitaḥ pāṭhaḥ jīvane naiva sādhitaḥ।
kiṃ bhavet tena pāṭhena jīvane yo na sārthakaḥ॥

Meaning in English
If a lesson learnt from a book is not implemented in life, then the lesson learnt is of no use.

भावार्थ
यदि पुस्तक में पढ़े गए पाठ का जीवन में उपयोग नहीं किया गया तो ऐसे पाठ को पढ़के जीवन में क्या लाभ?

Proverb | सुभाषितम् - 8

प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति मानवाः।
तस्मात् प्रियं हि वक्तव्यं वचने का दरिद्रता॥  

Transliteration
priyavākyapradānena sarve tuṣyanti mānavāḥ।
tasmāt priyaṃ hi vaktavyam vacane kā daridratā॥

Meaning in English
People love listening to sweet words, hence one should speak accordingly. Why then should one be a miser in using such words.

भावार्थ
प्रिय वाक्य बोलने से सभी लोग संतुष्ट होते हैं, इसलिए वैसे ही बोलना चाहिए। बोलने में क्यों दरिद्री बनना?

Proverb | सुभाषितम् - 9

उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।
न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः॥

Transliteration
udyamena hi sidhyanti kāryāṇi na manorathaiḥ।
na hi suptasya siṃhasya praviśanti mukhe mṛgāḥ॥

Meaning in English
Work does not get accomplished by merely desiring for its completion. The way a ‘prey’ does not enter into a sleeping lion’s mouth by itself.

भावार्थ
प्रयत्न करने से ही कार्य पूर्ण होते हैं, केवल मन में इच्छा करने से नहीं। जैसे सोते हुए सिंह के मुँह में मृग (हिरन) स्वयं प्रवेश नहीं करतें हैं॥

Proverb | सुभाषितम् - 10

माता शत्रुः पिता वैरी येन बालो न पाठितः।
न शोभते सभामध्ये हंसमध्ये बको यथा॥

Transliteration
mātā śatruḥ pitā vairī yena bālo na pāṭhitaḥ।
na śobhate sabhāmadhye haṃsamadhye bako yathā ॥

Meaning in English
If mother & father do not provide proper education to their child, then they are like an enemy of the child. Such a child is not a right fit in the society, the way cranes do not fit amongst swans.

भावार्थ
वह माता शत्रु तथा पिता बैरी है जिन्होंने अपने बालक को पढ़ाया नही है। सभा में ऐसा बालक शोभा नहीं देता जैसे हंसों में बगुला शोभा नहीं देता ।

Proverb | सुभाषितम् - 11

पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कूण्डे नवं पयः।
जातौ जातौ नवाचारौ नवा वाणी मुखे मुखे॥

Transliteration
piṇḍe piṇḍe matirbhinnā kuṇḍe kūṇḍe navaṃ payaḥ।
jātau jātau navācārau navā vāṇī mukhe mukhe ॥

Meaning in English
Intelligence differs from person to person. Quality of water differs from pond to pond. Way of living differs among different castes. Language differs from person to person.

भावार्थ
हर एक मनुष्य की बुद्धी अलग होती है। हर एक कुंड में पानी अलग प्रकार का होता है। हर एक वर्ण की जीने की अलग राह होती है।हर एक मनुष्य की भाषा अलग होती है।

Proverb | सुभाषितम् - 12

आशा नाम मनुष्याणां काचिदाश्चर्यशृङ्खला।
यया बद्धाः प्रधावन्ति मुक्तास्तिष्ठन्ति पङ्गुवत्॥

Transliteration
āśā nāma manuṣyāṇāṃ kācidāścaryaśṛṅkhalā।
yayā baddhāḥ pradhāvanti muktāstiṣṭhanti paṅguvat॥

Meaning in English
Hope is a surprising chain which belongs to humans. Those who are bound, run fast but those who are free, stand still like a paralytic.

भावार्थ
आशा नाम की मनुष्य की एक आश्चर्यकारक शृंखला है।इससे जो बंधे हुए हैं वो भागते रहते हैं। इससे जो मुक्त हैं वो पंगु की तरह शांत मन से एक ही जगह पर खडे रहते हैं।

Proverb | सुभाषितम् - 13

व्यायामात् लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखम्।
आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्॥

Transliteration
vyāyāmāt labhate svāsthyaṃ dīrghāyuṣyaṃ balaṃ sukham।
ārogyaṃ paramaṃ bhāgyaṃ svāsthyaṃ sarvārthasādhanam॥

Meaning in English
Good health, a long life, strength and happiness are achieved by exercise. Good health is the greatest blessing. Everything can be achieved with good health.

भावार्थ
व्यायाम से स्वास्थ्य, लंबी आयु, बल और सुख प्राप्त होते हैं। आरोग्यपूर्ण जीवन (निरोगी होना) परम भाग्य है। स्वास्थ्य से सभी कार्य साध्य होते हैं।

Proverb | सुभाषितम् - 14

दाने तपसि शौर्ये च विज्ञाने विनये नये।
विस्मयो न हि कर्तव्यो बहुरत्ना वसुन्धरा॥

Transliteration
dāne tapasi śaurye ca vijñāne vinaye naye।
vismayo na hi kartavyo bahuratnā vasundharā॥

Meaning in English
Donation, penance, valiance, great knowledge, politeness and great values. We should not be surprised at all of these qualities as the earth is full of gems (various good qualities).

भावार्थ
दान में, तप में, शौर्य में, विशेष ज्ञान में, नम्रता में, और नीति में आश्चर्य नहीं करना चाहिए। यह पृथ्वी अनेक रत्नोंवाली (अनेक सद्गुणों से भरी) हैं।

Proverb | सुभाषितम् - 15

जनकश्चोपनेता च यश्च विद्यां प्रयच्छति।
अन्नदाता भयत्राता पश्चैते पितरः स्मृताः॥

Transliteration
janakaścopanetā ca yaśca vidyāṃ prayacchati।
annadātā bhayatrātā paścaite pitaraḥ smṛtāḥ॥

Meaning in English
The one who gives birth, the one who initiates the sacred thread ceremony, the one who gives knowledge, the one who provides food and the one who protects from fear – these five are considered to be the people who are fathers.

भावार्थ
जन्म देने वाला, उपनयन का संस्कार करने वाला, विद्या प्रदान करने वाला, अन्नदाता और भय से रक्षण करने वाला – इन पाँच व्यक्तियों को पिता कहा गया है।

Proverb | सुभाषितम् - 16

विना शीलेन वनिता वाग्मिता विद्यया विना।
विनियोगैर्विना वित्तं मास्तु कस्यापि जीवनः॥

Transliteration
vinā śīlena vanitā vāgmitā vidyayā vinā।
viniyogairvinā vittaṃ māstu kasyāpi jīvanaḥ॥

Meaning in English
A wife without character, orator without knowledge and improper use of money (wealth) should never be in any person’s life.

भावार्थ
चारित्र्यहीन पत्नी, विद्या के बिना वक्तृत्व और विनियोग के विना वित्त (संपत्ति) किसी के जीवन में नहीं होने चाहिए।

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