General Subhashitas

Subhashitas are short, well-known sayings which state a general truth or piece of advice. They help us understand and learn the right thing to do. The proverbs listed here are taken from ancient Indian texts which have been written by many learned Rishis and Gurus.

प्रथमे नार्जिता विद्या द्वितीये नार्जितं धनम्।
तृतीये नार्जितं पुण्यं चतुर्थे किं करिष्यति॥

Transliteration
prathame nārjitā vidyā dvitīye nārjitaṃ dhanam।
tṛtīye nārjitaṃ puṇyaṃ caturthe kiṃ kariṣyati॥

Meaning in English
The one who has not earned Vidya (knowledge) in the first Ashrama (Brahmacharya), not earned Dhana (wealth) in the second Ashrama (Grihastha), not earned Punya (good deeds) in the third Ashrama (Vanaprastha), what will he do in the fourth Ashrama (Sanyasa) ?

भावार्थ
जिस व्यक्ति ने पहले आश्रम में (ब्रम्हचर्य) विद्या अर्जित नहीं की, दूसरे आश्रम में (गृहस्थ) धन अर्जित नहीं किया, तीसरे आश्रम में (वानप्रस्थ) पुण्य अर्जित नहीं किया, वह मनुष्य चौथे आश्रम में (संन्यास) क्या करेगा?

अधमाः धनम् इच्छन्ति धनमानं च मध्यमाः।
उत्तमाः मानम् इच्छन्ति मानो हि महतां धनम्॥

Transliteration
adhamāḥ dhanam icchanti dhanamānaṃ ca madhyamāḥ।
uttamāḥ mānam icchanti māno hi mahatāṃ dhanam॥

Meaning in English
Lowly people desire only wealth. Average (moderate) people desire for both wealth & respect. Great people desire only respect. For great people, respect in the society is the real wealth.

भावार्थ
अधम लोग (निम्न श्रेणी के लोग) केवल धन की इच्छा करते हैं। मध्यम श्रेणी के लोग धन और मान की इच्छा करते हैं। उत्तम लोग (महान लोग) सिर्फ मान की इच्छा करते हैं। मान ही महापुरुषों का धन है।

शतेषु जायते शूरः सहस्त्रेषु च पण्डितः।
वक्ता दशसहस्त्रेषु दाता भवति वा न वा॥

Transliteration
śateṣu jāyate śūraḥ sahastreṣu ca paṇḍitaḥ।
vaktā daśasahastreṣu dātā bhavati vā na vā॥

Meaning in English
Every hundred people there is one brave, every thousand a scholar, every ten thousand an orator. However, a generous person may or may not be found.

भावार्थ
सौ लोगों में एक शूर-वीर, हजारों में एक विद्वान, दस हजारों में एक वक्ता होता है, परंतु दानवीर मुश्किल से ही मिलता है।

परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः।
परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थम् इदं शरीरम्॥

Transliteration
paropakārāya phalanti vṛkṣāḥ paropakārāya vahanti nadyaḥ।
paropakārāya duhanti gāvaḥ paropakārārtham idaṃ śarīram॥

Meaning in English
Trees bear fruits for others’ (to eat), Rivers flow for others’, Cows give milk for others’.
In the same way, this body is also meant to do good deeds for others.

भावार्थ
परोपकार के लिए वृक्ष फल देते हैं, परोपकार के लिए नदियाँ बहती हैं, परोपकार के लिए गाय दूध देती हैं, उसी तरह यह शरीर भी परोपकार के लिए ही है।

आलसस्य कुतो विद्या अविद्यस्य कुतो धनम्।
अधनस्य कुतो मित्रं मित्रस्य कुतः सुखम्॥

Transliteration
ālasasya kuto vidyā avidyasya kuto dhanam।
adhanasya kuto mitraṃ mitrasya kutaḥ sukham॥

Meaning in English
How can a lazy person gain knowledge? Without knowledge, how will one get wealth? Without wealth, how will one have friends? Without friends, how will one be happy?

भावार्थ
जो आलस करते हैं, उन्हें विद्या कैसे मिलेगी? जिनके पास विद्या नहीं, उनको धन कैसे मिलेगा? जो निर्धन हैं, उनको मित्र कैसे मिलेंगे? (और) मित्र के बिना सुख कैसे मिलेगा?

वृथा वृष्टिः समुद्रेषु वृथा तृप्तेषु भोजनम्।
वृथा दानं धनाढ्येषु वृथा दीपो दिवापि च॥

Transliteration
vṛthā vṛṣṭiḥ samudreṣu vṛthā tṛpteṣu bhojanam।
vṛthā dānaṃ dhanāḍhyeṣu vṛthā dīpo divāpi ca॥

Meaning in English
Rains over the seas are of no use. Providing food, for the ones whose stomach is full is of no use. Giving donations to a rich person is of no use. Similarly, lighting a lamp during the day is of no use.

भावार्थ
समुद्र में बारिश का पानी पड़ना व्यर्थ है। जिसका पेट भरा हुआ है (तृप्त व्यक्ति), उसे खाना देना व्यर्थ है। धनवानों को दान देना व्यर्थ है। वैसे ही दिन में दिया जलाना व्यर्थ है।

पुस्तके पठितः पाठः जीवने नैव साधितः।
किं भवेत् तेन पाठेन जीवने यो न सार्थकः॥

Transliteration
pustake paṭhitaḥ pāṭhaḥ jīvane naiva sādhitaḥ।
kiṃ bhavet tena pāṭhena jīvane yo na sārthakaḥ॥

Meaning in English
If a lesson learnt from a book is not implemented in life, then the lesson learnt is of no use.

भावार्थ
यदि पुस्तक में पढ़े गए पाठ का जीवन में उपयोग नहीं किया गया तो ऐसे पाठ को पढ़के जीवन में क्या लाभ?

प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति मानवाः।
तस्मात् प्रियं हि वक्तव्यम् वचने का दरिद्रता॥

Transliteration
priyavākyapradānena sarve tuṣyanti mānavāḥ।
tasmāt priyaṃ hi vaktavyam vacane kā daridratā॥

Meaning in English
People love listening to sweet words, hence one should speak accordingly. Why then should one be a miser in using such words.

भावार्थ
प्रिय वाक्य बोलने से सभी लोग संतुष्ट होते हैं, इसलिए वैसे ही बोलना चाहिए। बोलने में क्यों दरिद्री बनना?

उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।
न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः॥

Transliteration
udyamena hi sidhyanti kāryāṇi na manorathaiḥ।
na hi suptasya siṃhasya praviśanti mukhe mṛgāḥ॥

Meaning in English
Work does not get accomplished by merely desiring for its completion. The way a ‘prey’ does not enter into a sleeping lion’s mouth by itself.

भावार्थ
प्रयत्न करने से ही कार्य पूर्ण होते हैं, केवल मन में इच्छा करने से नहीं।
जैसे सोते हुए सिंह के मुँह में मृग (हिरन) स्वयं प्रवेश नहीं करतें हैं॥

माता शत्रुः पिता वैरी येन बालो न पाठितः।
न शोभते सभामध्ये हंसमध्ये बको यथा ॥

Transliteration
mātā śatruḥ pitā vairī yena bālo na pāṭhitaḥ।
na śobhate sabhāmadhye haṃsamadhye bako yathā ॥

Meaning in English
If mother & father do not provide proper education to their child, then they are like an enemy of the child. 
Such a child is not a right fit in the society, the way cranes do not fit amongst swans.

भावार्थ
वह माता शत्रु तथा पिता बैरी है जिन्होंने अपने बालक को पढ़ाया नही है।
सभा में ऐसा बालक शोभा नहीं देता जैसे हंसों में बगुला शोभा नहीं देता ।

पिण्डे पिण्डे मतिर्भिन्ना कुण्डे कूण्डे नवं पयः।
जातौ जातौ नवाचारौ नवा वाणी मुखे मुखे ॥

Transliteration
piṇḍe piṇḍe matirbhinnā kuṇḍe kūṇḍe navaṃ payaḥ।
jātau jātau navācārau navā vāṇī mukhe mukhe ॥

Meaning in English
Intelligence differs from person to person. Quality of water differs from pond to pond. Way of living differs among different castes. Language differs from person to person.

भावार्थ
हर एक मनुष्य की बुद्धी अलग होती है। हर एक कुंड में पानी अलग प्रकार का होता है। हर एक वर्ण की जीने की अलग राह होती है।हर एक मनुष्य की भाषा अलग होती है।

येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः।
ते मर्त्यलोके भुवि भारभूता मनुष्यरुपेण मृगाश्चरनति॥

Transliteration
yeṣāṃ na vidyā na tapo na dānaṃ jñānaṃ na śīlaṃ na guṇo na dharmaḥ।
te martyaloke bhuvi bhārabhūtā manuṣyarupeṇa mṛgāścaranati॥

Meaning in English
Those who do not have knowledge, penance, good conduct, virtue or observance of duties, pass their life in this world of mortals like beasts in human form and are a burden on the planet.

भावार्थ
जिन लोगों के पास विद्या, तप, दान, शील, गुण और धर्म नहीं होता, ऐसे लोग धरती के लिए भार / बोझ हैं। ऐसे लोग मनुष्य के रुप में विचरण करने वाले ( घूमने वाले ) पशु हैं ।

अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः।
चत्वारि तस्य वर्ध्यन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्॥

Transliteration
abhivādanaśīlasya nityaṃ vṛddhopasevinaḥ।
catvāri tasya vardhyante āyurvidyā yaśo balam॥

Meaning in English
A person who is humble, respects & helps elders, their age, knowledge, popularity & strength increases.

भावार्थ
जो व्यक्ति सुशील और विनम्र होते है, बड़ों का अभिवादन और सम्मान करनेवाले होते हैं, बड़ों के पास रहकर उनकी सेवा करते हैं, उनकी, आयु, विद्या, प्रसिद्धी और शक्ती बढ़ती रहती हैं।

गच्छन् पिपीलिको याति योजनानां शतान्यपि।
अगच्छन् वैनतेयोऽपि पदमेकं न गच्छति॥

Transliteration
gacchan pipīliko yāti yojanānāṃ śatānyapi।
agacchan vainateyo’pi padamekaṃ na gacchati॥

Meaning in English
An ant covers a long distance when it keeps moving.
However, a still Garuda cannot move one step forward.

भावार्थ
लगातार चल रहीं चींटी कोंसों दूर पहुँच जाती है।
लेकिन रुका हुआ गरुड एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकता।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!