Lion and Mouse Sanskrit Story
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Video of Lion and Mouse Sanskrit Story
सिंहः मूषकः च
एकस्मिन् वने एकः सिंहः अवसत्।
एकदा सिंहः वृक्षस्य अधः अस्वपत्।
तदा एकः लघुः मूषकः तस्य शरीरोपरि क्रीडितुम् आरब्धवान्।
सिंहः प्रबुद्धः भूत्वा मूषकम् अधरत। (adharata)
मूषकः क्षमां याचित्वा आत्मानं मोचयितुं प्रार्थनाम् अकरोत्।
सिंहः दयावान् भूत्वा तम् अमोचयत्।
कदाचित् अनन्तरं सिंहः व्याधस्य जाले बद्धः अभवत्।
सिंहस्य गर्जनं श्रुत्वा मूषकः तत्र आगच्छत्।
मूषकः दन्तैः जालं कर्तयित्वा सिंहाय मुक्तिम् अयच्छत्।
सिंहः मूषकस्य साहाय्याय धन्यः अभवत्।
तात्पर्यम् – कोऽपि प्राणी महत्त्वहीनः नास्ति। सङ्कटकाले लघुः
अपि महान् भवितुं शक्नोति।
Lion and Mouse
A lion lived in a forest.
Once, the lion was sleeping under a tree.
Just then, a little mouse began to play on his body.
The lion woke up and caught the mouse.
The mouse apologized and begged to be set free.
The lion was kind and let him go.
Some time later, the lion got caught in a net.
Hearing the lion’s roar, the mouse arrived.
The mouse gnawed through the net with his teeth and set the lion free.
The lion was grateful for the mouse’s help.
Moral: No creature is insignificant.
Even a small creature can prove to be great in times of crisis.
शेर और चूहा की कहानी
एक जंगल में एक शेर रहता था।
एक बार शेर एक पेड़ के नीचे सो रहा था।
तभी एक छोटा चूहा उसके शरीर पर खेलने लगा।
शेर जाग गया और उसने चूहे को पकड़ लिया।
चूहे ने क्षमा मांगी और खुद को छोड़ने की विनती की।
शेर ने दयालु होकर उसे जाने दिया।
कुछ समय बाद शेर शिकारी के जाल में फंस गया।
शेर की दहाड़ सुनकर चूहा वहाँ आया।
चूहे ने अपने दाँतों से जाल काट कर शेर को मुक्त कर दिया।
शेर चूहे की मदद के लिए आभारी था।
तात्पर्य – कोई भी जीव महत्वहीन नहीं है।
संकट के समय छोटा जीव भी महान हो सकता है।