Essay on Elephant in Sanskrit
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गजः इति विषये संस्कृते निबन्धः।
गजः मम प्रियपशुः अस्ति। सर्वेषु पशुषु गजः महाकायः पशुः अस्ति।
गजः उपयुक्तपशुः अस्ति। मानवानां विविधेषु कार्येषु तस्य साहाय्यं भवति। एषः भारस्य वहने उपयुज्यते।
एषः शाकाहारी पशुः अस्ति। गजः वृक्षाणां शाखाः, पर्णानि, तृणम् इत्यादीनि खादति। गजाः यूथरूपेण वने वसन्ति।
तस्य विशालाः दन्ताः बहुमूल्यवन्तः भवन्ति। कर्मकाराः तस्य दन्तैः रम्याणि वस्तूनि निर्मान्ति। तस्य शुण्डा दीर्घा भवति। तस्य चत्वारः पादाः स्तम्भाः इव सन्ति। तस्य कर्णौ शूर्पे इव विशालौ स्तः। तस्य पुच्छं कृशम् अस्ति। तस्य नेत्रे लघुनी स्तः।
पूर्वं, नृपाः प्रासादेषु गजान् पालयन्ति स्म। युद्धे अपि गजस्य उपयोगः भवति स्म। गजः इन्द्रदेवस्य प्रियः अस्ति। गजः समृद्धेः प्रतीकम् अस्ति। गजः एकः बुद्धिमान् पशुः मन्यते।
Essay on Elephant
The elephant is my favorite animal. Among all animals, the elephant is a huge animal.
The elephant is a useful animal. It helps humans in various kinds of work. It is used for carrying heavy loads.
It is a herbivorous animal. The elephant eats tree branches, leaves, grass, and similar things. Elephants live in forests in groups.
Its large tusks are very valuable. Craftsmen make beautiful objects from its tusks. Its trunk is long. Its four legs are like pillars. Its ears are large like winnowing baskets. Its tail is thin. Its eyes are small.
In earlier times, kings used to keep elephants in their palaces. Elephants were also used in wars. The elephant is dear to Lord Indra. The elephant is a symbol of prosperity. The elephant is considered an intelligent animal.
हाथी पर निबंध।
हाथी मेरा प्रिय पशु है। सर्व पशुओं में हाथी विशाल पशु है।
हाथी उपयुक्त पशु है। मनुष्यों के विभिन्न कार्यों में उसकी सहायता होती है।इसका उपयोग भारवाहन के लिये किया जाता है।
यह शाकाहारी पशु है। हाथी पेड़ों की शाखाएँ, पत्ते, घास आदि खाता है। हाथी वन में झुंड में रहते हैं।
उसके विशाल दाँत बहुत मूल्यवान होते हैं। । कारीगर उसके दाँतों से सुंदर वस्तुएँ बनाते हैं। उसकी सूँड़ लंबी होती है। उसके चार पैर स्तम्भ के जैसे दिखते हैं। उसके कान सूप की तरह विशाल होते हैं। उसकी पूँछ पतली होती है। उसकी आँखें छोटी होती हैं।
पूर्वकाल में राजा अपने महलों में हाथियों को पालते थे।युद्ध में भी हाथी का उपयोग होता था। हाथी इंद्रदेव का प्रिय है।हाथी समृद्धि का प्रतीक है। हाथी एक बुद्धिमान पशु माना जाता है।