Essay on Swan in Sanskrit

This post is an essay on Swan in Sanskrit. हंस पर निबंध.

Transliteration, meaning in English and Hindi translation is also given for better understanding.

This essay can be referenced by school students and Sanskrit learners.

Essay on Swan in Sanskrit

हंसः।

हंसः मम प्रिय खगः अस्ति। सः मह्यम् अतीव रोचते। सः सर्वेषाम् एव प्रियः अस्ति।

हंसः एकः सुंदरः खगः अस्ति। तस्य सम्पूर्णं शरीरं श्वेतवर्णम् अस्ति। अतः तस्य सात्त्विकतया सत्येन सह सम्बन्धः कृतः। तस्य चञ्चुः तथा च पादौ रक्तवर्णाः सन्ति। एते तस्य सौन्दर्यम् अधिकमेव वर्धयन्ति। साधारणतया हंसः शांतः जीवः अस्ति। जगति हंसानां सप्त जातयः सन्ति।

हंसः एकः अतीव ललितः खगः अस्ति। सः जले वसति। सः सरोवरेषु तरति। परं हंसः कदाचित् उड्डयते। हंसः लघुमत्स्यान्, कीटकान् तथा च फलबीजानि खादति।

पौराणिककथासु हंसस्य महत्त्वपूर्णं स्थानम् अस्ति। सः सरस्वतीदेव्याः वाहनम् इति मन्यते। अतः सः विद्यां कलां च सम्बोधयति। यदि हंसं पुरतः जलस्य दुग्धस्य च मिश्रणं स्थापितं, तर्हि सः जलं न पीत्वा केवलं दुग्धं पिबति, इति मन्यते। अस्मिन् एव विषये, एकं सुभाषितं वर्तते –

हंसः श्वेतो बकः श्वेतः को भेदो बकहंसयोः।
नीरक्षीरविवेके तु हंसो हंसो बको बकः॥

haṃsaḥ

haṃsaḥ mama priya khagaḥ asti। saḥ mahyam atīva rocate। saḥ sarveṣām eva priyaḥ asti।

haṃsaḥ ekaḥ suṃdaraḥ khagaḥ asti। tasya sampūrṇaṃ śarīraṃ śvetavarṇam asti। ataḥ tasya sāttvikatayā satyena saha sambandhaḥ kṛtaḥ। tasya cañcuḥ tathā ca pādau raktavarṇāḥ santi। ete tasya saundaryam adhikameva vardhayanti। sādhāraṇatayā haṃsaḥ śāṃtaḥ jīvaḥ asti। jagati haṃsānāṃ sapta jātayaḥ santi।

haṃsaḥ ekaḥ atīva lalitaḥ khagaḥ asti। saḥ jale vasati। saḥ sarovareṣu tarati। paraṃ haṃsaḥ kadācit uḍḍayate। haṃsaḥ laghumatsyān, kīṭakān tathā ca phalabījāni khādati।

paurāṇikakathāsu haṃsasya mahattvapūrṇaṃ sthānam asti। saḥ sarasvatīdevyāḥ vāhanam iti manyate। ataḥ saḥ vidyāṃ kalāṃ ca sambodhayati। yadi haṃsaṃ purataḥ jalasya dugdhasya ca miśraṇaṃ sthāpitaṃ, tarhi saḥ jalaṃ na pītvā kevalaṃ dugdhaṃ pibati, iti manyate। asmin eva viṣaye, ekaṃ subhāṣitaṃ vartate –

haṃsaḥ śveto bakaḥ śvetaḥ ko bhedo bakahaṃsayoḥ।
nīrakṣīraviveke tu haṃso haṃso bako bakaḥ॥

Essay on Swan

The swan is my favourite bird. I like it very much. It is liked by everybody.

The swan is a very beautiful bird. It is almost entirely white. Therefore, it is associated with purity and truth. Its beak and feet are red. These increase its beauty further. The swan is usually a peaceful animal. There are seven kinds of swans in the world.

The swan is a very graceful bird.It lives in the water. It swims in lakes. The swan sometimes flies, too. The swan eats small fish, insects and the seeds of fruits.

The swan holds an important place in ancient stories. It is believed to be the vehicle of the Goddess Saraswati. Therefore it symbolises knowledge and arts. If a mixture of milk and water is placed in front of a swan, it is believed to be able to drink the milk and leave the water.A subhashita has been composed based on this topic-

The swan is white, so is the crane. Then, what is the difference between them? When it comes to extracting milk from a mixture (of milk & water), the swan is able to do it but the crane does not have this ability.

The swan is white, so is the crane. Then, what is the difference between them? When it comes to extracting milk from a mixture (of milk & water), the swan is able to do it but the crane does not have this ability.

हंस पर निबंध

हंस मेरा प्रिय पक्षी है। मुझे यह बहुत पसंद है। यह सभी का प्रिय है।

हंस एक बहुत ही सुंदर पक्षी है। यह लगभग पूरी तरह से सफेद है। इसलिए, यह शुद्धता और सच्चाई से जुड़ा हुआ है। इसकी चोंच और पैर लाल होते हैं। ये इसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं। हंस आमतौर पर एक शांतिपूर्ण जानवर है। दुनिया में सात तरह के हंस होते हैं।

हंस एक बहुत ही सुंदर पक्षी है। यह पानी में रहता है। यह झीलों में तैरता है। हंस भी कभी-कभी उड़ सकता है। हंस छोटी मछली, कीड़े और फलों के बीज खाता है।

हंस का प्राचीन कथाओं में महत्वपूर्ण स्थान है। इसे देवी सरस्वती का वाहन माना जाता है। इसलिए यह ज्ञान और कला का प्रतीक है। यदि हंस के सामने दूध और पानी का मिश्रण रखा जाए तो यह दूध पीने और पानी छोड़ने में सक्षम माना जाता है। इसी विषय पर एक सुभाषित की रचना की गई है-

हंस सफेद है, तो बगुला भी। फिर, उनमें क्या अंतर है? जब मिश्रण (दूध और पानी के) से दूध निकालने की बात आती है, तो हंस ऐसा करने में सक्षम होता है लेकिन बगुले में यह क्षमता नहीं होती है।

हंस सफेद है, तो बगुला भी। फिर, उनमें क्या अंतर है? जब मिश्रण (दूध और पानी के) से दूध निकालने की बात आती है, तो हंस ऐसा करने में सक्षम होता है लेकिन बगुले में यह क्षमता नहीं होती है।

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